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Dr. Abhimanyu Rana

Created By: NIVAAN Team

Reviewed By: Dr. Abhimanyu Rana | 12+ Years Of Experience Treating Pain | Pain Management Specialist

Last Updated: 23 May 2026

घुटनों में दर्द क्यों होता है? 7 आम कारण और बचाव

घुटनों में दर्द एक ऐसी समस्या है जो आजकल हर उम्र के लोगों को परेशान करती है चाहे वह बुज़ुर्ग हों, खिलाड़ी हों या ऑफिस में घंटों बैठने वाले युवा। घुटने में दर्द क्यों होता है? इसका सीधा जवाब है घुटने के जोड़, मांसपेशियों, लिगामेंट, कार्टिलेज या हड्डियों में चोट, घिसाव या सूजन के कारण। इस ब्लॉग में हम घुटनों में दर्द के 7 सबसे आम कारण, लक्षण और बचाव के तरीके आसान भाषा में समझेंगे, ताकि आप सही समय पर सही इलाज चुन सकें।

घुटनों में दर्द किस वजह से होता है?

घुटना शरीर का सबसे बड़ा और सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला जोड़ है। यह फीमर (जांघ की हड्डी), टिबिया (पिंडली की हड्डी) और पटेला (घुटने की चपटी हड्डी) के साथ-साथ मांसपेशियों, कार्टिलेज, टेंडन और नसों से मिलकर बनता है। इन सभी हिस्सों में चोट, संक्रमण या किसी विकार के कारण घुटने में दर्द हो सकता है। घुटने का दर्द अचानक भी हो सकता है और धीरे-धीरे एक पुरानी (क्रॉनिक) समस्या भी बन सकता है।

घुटनों में दर्द के 7 आम कारण

1. घुटने का ऑस्टियोआर्थराइटिस (घुटने का गठिया)

यह घुटने के दर्द का सबसे आम कारण है। घुटने का ऑस्टियोआर्थराइटिस उम्र बढ़ने के साथ कार्टिलेज के प्राकृतिक घिसाव से होता है, लेकिन यह कम उम्र के लोगों में भी चोट, हाई-इम्पैक्ट खेल या गलत तरीके से बैठने की आदत के कारण हो सकता है। इसमें सीढ़ियां चढ़ने-उतरने, उठने-बैठने और पालथी मारकर बैठने पर दर्द और घुटने में अकड़न महसूस होती है।

2. लिगामेंट इंजरी (ACL/MCL चोट)

ACL यानी एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट जांघ की हड्डी को पिंडली की हड्डी से जोड़ता है, और यह चोट उन खिलाड़ियों में आम है जो दौड़ते हुए अचानक दिशा बदलते हैं। सीधी टक्कर से भी यह लिगामेंट खिंच सकता है, आंशिक रूप से या पूरी तरह फट सकता है। फुटबॉल, बास्केटबॉल जैसे खेलों में यह चोट अक्सर देखी जाती है।

3. मेनिस्कस का फटना (Torn Meniscus)

मेनिस्कस घुटने में मौजूद एक मुख्य कार्टिलेज है जो जांघ और पिंडली की हड्डी के बीच शॉक एब्ज़ॉर्बर का काम करता है। वजन डालते समय घुटने को अचानक मोड़ने से यह कार्टिलेज फट सकता है। इससे घुटना अस्थिर महसूस होता है और कभी-कभी जाम भी हो सकता है।

4. मांसपेशियों में खिंचाव (Hamstring/Quadriceps Strain)

जांघ के पीछे की हैमस्ट्रिंग मांसपेशी में खिंचाव आम है, जिसे “पुल्ड मसल” भी कहते हैं और यह अचानक खिंचाव या सिकुड़न से होता है। इससे चलने या सीढ़ियां चढ़ने-उतरने पर दर्द होता है। इसी तरह जांघ के आगे की क्वाड्रिसेप्स मांसपेशी में खिंचाव भी घुटने के दर्द का कारण बन सकता है।

5. पटेलर टेंडिनाइटिस (Patellar Tendinitis)

पटेलर टेंडिनाइटिस उस टेंडन में सूजन है जो घुटने की चपटी हड्डी (नीकैप) को पिंडली की हड्डी से जोड़ता है, और इससे घुटने के आगे, नीकैप के ठीक नीचे दर्द होता है। दौड़ना, कूदना और साइकिल चलाना जैसी अत्यधिक गतिविधियाँ इसका मुख्य कारण हैं।

6. नी बर्साइटिस (Knee Bursitis)

घुटने में मौजूद तरल से भरी छोटी थैलियों (बर्सा) में सूजन आ जाने से घुटना नरम, सूजा हुआ और गर्म महसूस होता है। घुटनों के बल बहुत देर बैठना और घुटने का बार-बार इस्तेमाल इसके आम कारण हैं।

7. पटेलोफेमोरल पेन सिंड्रोम (रनर्स नी)

यह नीकैप को सहारा देने वाली जोड़ की सतह के घिसाव से होता है, या जांघ की मांसपेशियों के असंतुलन से नीकैप अपनी जगह से हट जाती है और दर्द होता है। ऊंची चढ़ाई पर चढ़ने और सीढ़ियां उतरने पर यह दर्द ज़्यादा होता है।

घुटनों में दर्द कब गंभीर होता है? डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर आराम, बर्फ और घुटने को ऊपर रखने के बाद भी दर्द कम न हो, तो विशेषज्ञ से सलाह ज़रूरी है। इन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें:

  • घुटने पर वज़न डालने में असमर्थता
  • घुटने का बार-बार “लड़खड़ाना” या जाम होना
  • घुटने के आकार में बदलाव या लगातार सूजन
  • घुटने को पूरी तरह मोड़ या सीधा न कर पाना

घुटनों के दर्द से बचाव कैसे करें?

घुटनों के दर्द से बचाव अक्सर इलाज से आसान होता है। ये घरेलू और जीवनशैली से जुड़े उपाय अपनाएं:

  • वज़न नियंत्रित रखें: संतुलित आहार से वज़न घटने पर घुटनों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है और दर्द में राहत मिलती है।
  • मांसपेशियों को मज़बूत बनाएं: जांघ और घुटने के आसपास की मांसपेशियों को मज़बूत करने से जोड़ को सहारा मिलता है और वज़न जोड़ के बजाय मांसपेशियों पर पड़ता है। बुज़ुर्गों के लिए तैराकी, पैदल चलना और स्थिर साइकिलिंग जैसे लो-इम्पैक्ट व्यायाम बेहतर हैं।
  • बैठने की मुद्रा सुधारें: हर 20–30 मिनट में बैठने की स्थिति बदलें और थोड़ा चलें। पालथी मारकर या घुटनों के बल लंबे समय तक बैठने से बचें।
  • फर्श पर बैठने के बजाय कुर्सी का इस्तेमाल करें ताकि उठते समय घुटनों पर कम ज़ोर पड़े।
  • ऊंची एड़ी के जूते कम पहनें यह घुटनों के दर्द का एक आम कारण है।

घुटने के दर्द का इलाज: फिजियोथेरेपी कैसे मदद करती है?

घुटने के दर्द का सबसे सुरक्षित और बिना सर्जरी वाला इलाज है फिजियोथेरेपी। एक अनुभवी फिजियोथेरेपिस्ट दर्द की जड़ तक पहुंचकर ऐसा इलाज तैयार करता है जो दर्द को कम करे और दोबारा होने से रोके। घुटने की फिजियोथेरेपी में शामिल हैं:

  • घुटने की गति सुधारने के लिए मैनुअल (हाथों से) थेरेपी
  • मांसपेशियों को मज़बूत करने और लचीलापन बढ़ाने वाले व्यायाम
  • दर्द और सूजन कम करने के लिए अल्ट्रासाउंड और इलेक्ट्रोथेरेपी जैसी आधुनिक मशीनें
  • सही चाल (gait) के लिए मूवमेंट असेसमेंट
  • ज़रूरत पड़ने पर नी ब्रेस की सलाह

NIVAAN Care: घुटने के दर्द का संपूर्ण समाधान

NIVAAN Care दिल्ली, मुंबई, नोएडा, गुरुग्राम, लखनऊ, जयपुर और फरीदाबाद में विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी सेवाएं प्रदान करता है। हमारे प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट संपूर्ण मूवमेंट असेसमेंट, व्यक्तिगत इलाज योजना, अल्ट्रासाउंड व इलेक्ट्रोथेरेपी जैसी आधुनिक तकनीक, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी और घर पर व्यायाम की सलाह देते हैं। अगर आपके घुटनों में लगातार दर्द, सूजन या चलने-फिरने में दिक्कत है, तो देर न करें।

आज ही अपनी जांच बुक करें सही समय पर शुरू किया गया इलाज पुराने दर्द को रोककर आपको फिर से सक्रिय जीवन दे सकता है।

उ: अक्सर कैल्शियम और विटामिन-D की कमी, मांसपेशियों की कमज़ोरी और कार्टिलेज के घिसाव से घुटनों में दर्द होता है। सही कारण जानने के लिए जांच ज़रूरी है।

उ: कुछ मामलों में आराम, बर्फ, सिकाई और स्ट्रेचिंग से घुटने का दर्द ठीक हो जाता है, लेकिन कई बार इलाज न करने पर यह बढ़ भी सकता है।

उ: चोट या मांसपेशियों की कमज़ोरी से होने वाले घुटने के दर्द के लिए फिजियोथेरेपिस्ट सबसे अच्छा विकल्प है। गंभीर मामलों में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से सलाह लें।

उ: वज़न नियंत्रित रखना, हल्के व्यायाम, सही मुद्रा में बैठना, बर्फ की सिकाई और लंबे समय तक पालथी मारकर न बैठना घुटने के दर्द के असरदार घरेलू उपाय हैं।

उ: यह दर्द के कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है, पर अधिकतर मरीज़ों को 4–8 हफ्तों की नियमित फिजियोथेरेपी से अच्छा सुधार मिलता है।